नैतिकता सीमित नहीं जिसमें उसमें इंसानियत नहीं होता !
नैतिकता के नीचे बुद्धि भ्रष्ट, जिसमें अवाम की भलाई का उद्देश्य नहीं अच्छा बनना ख़ुद को समझना है
जो की न मेरे हित में न अवाम की न खुदा के हित में अच्छा है।
वसी अहमद क़ादरी । वसी अहमद अंसारी
दरवेश । लेखक । पोशीदा शायर। 2.3.2026


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







