लेकर तेरी हिदायतो को
खुद को बहुत संभाला है ,हमने
लफ्जों के जख्मो तक को
बडी तसल्ली से सिया है ,हमने
जख्म तो बडे गहरे थे
खुद से भी छुपाया है, हमने
देखता क्या जमाना जो उसे
जो खो तक दिया है , हमने
मत पुच्छ मेरे दिल का हाल
खुद को कैसे संभाला है, हमने
रातों के निदों को
पल पल कितना गंवाया है, हमने


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







