ज़रा नफ़ासत से तकल्लुम कीजिए, दोनों के लहज़े में अदब आएगा,
हमें भी मिलेगा सुकूँ-ए-आलम, आपका दिल भी बहल जाएगा,
कुछ देर ज़रा हमसे गुफ़्तगू तो कीजिए,
यक़ीं मानिए, आपको हमारा अंदाज़-ए-बयाँ पसंद आएगा।
#कमलकांत घिरी ✍️
(मनकी, लोरमी, मुंगेली, छत्तीसगढ़)


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







