तन्हा चलने की कोशिश मेरी नाकाम न कर
आवाज़ दे कर पीछे से परेशान न कर
मैं ख़ुश हूँ अपने रहगुज़र पर चल के
मंज़िल से पहले ख़राब मेरा प्रयाण न कर
मुतमईन हो जा, छोड़ दिया अपना हक़ भी
अब तो ज़ख्म कुरेद, दिल लहू-लुहान न कर

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
तन्हा चलने की कोशिश मेरी नाकाम न कर
आवाज़ दे कर पीछे से परेशान न कर
मैं ख़ुश हूँ अपने रहगुज़र पर चल के
मंज़िल से पहले ख़राब मेरा प्रयाण न कर
मुतमईन हो जा, छोड़ दिया अपना हक़ भी
अब तो ज़ख्म कुरेद, दिल लहू-लुहान न कर
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