1 ) तेरे होंठों से आवाज़ लगाना
यही मेरे लिए इनाम सा है ।
2 ) खुशबू के किनारे पे एक फूल खिला है
वो ज़माने के जंगल में मस्त मौला है ।
3 ) मसला तो मसला बनकर नहीं रहता
मशाला बनकर बाहर फैल जाता है ।
4 ) महंगे उपहारों से बढ़कर है
दो लफ्ज़ों में तारीफ करना ।
5 ) कागज के सिरे में फूल खिले हैं
वो खुशबू पुस्तक के हर कोनो में फैल गई ।
6 ) रोज सुबह होती है
पर मेरे लिए सुबह से पहले सुबह हो गई ।
7 ) फूल चढ़ाने के लिए तोड़ा जाता है
पर बिना तोड़े मन भी चढ़ाने लायक है ।
8 ) मन आवाज़ नहीं करता
ये तो आँखों का रिवाज़ है ।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







