1. जब भी ये दिल उदास होता है
जब भी ये दिल उदास होता है
जाने कौन आस-पास होता है
आँखें पहचानती हैं आँखों को
दर्द चेहरा-शनास होता है
गो बरसती नहीं सदा आँखें
अब्र तो बारह-मास होता है
छाल पेड़ों की सख़्त है लेकिन
नीचे नाख़ुन के मास होता है
ज़ख़्म कहते हैं दिल का गहना है
दर्द दिल का लिबास होता है
डस ही लेता है सब को इश्क़ कभी
साँप मौक़ा-शनास होता है
सिर्फ़ इतना करम किया कीजे
आप को जितना रास होता है
2. दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई
दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई
जैसे एहसाँ उतारता है कोई
दिल में कुछ यूँ सँभालता हूँ ग़म
जैसे ज़ेवर सँभालता है कोई
आइना देख कर तसल्ली हुई
हम को इस घर में जानता है कोई
पेड़ पर पक गया है फल शायद
फिर से पत्थर उछालता है कोई
देर से गूँजते हैं सन्नाटे
जैसे हम को पुकारता है कोई
3. शाम से आँख में नमी सी है
शाम से आँख में नमी सी है
आज फिर आप की कमी सी है
दफ़्न कर दो हमें कि साँस आए
नब्ज़ कुछ देर से थमी सी है
कौन पथरा गया है आँखों में
बर्फ़ पलकों पे क्यूँ जमी सी है
वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर
आदत इस की भी आदमी सी है
आइए रास्ते अलग कर लें
ये ज़रूरत भी बाहमी सी है
Article by
Admin - Reena Kumari Prajapat 


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







