चंद्रभागा तट 🌅
चंद्रभागा की रेत पर सवेरा सोने सा,
सूरज की किरणों में भीनी सी कोई ख़ुशबू।
समंदर की लहरें सुनाती हैं कहानी अधूरी,
हर तरंग में बसा है दर्द और थोड़ा सा सुकून।
सूर्यास्त की लालिमा में खो जाता मन,
शहर की हलचल से दूर, बस शांति का भ्रमण।
दुख की परछाइयाँ भी मुस्कुराती हैं यहाँ,
क्योंकि हर अश्रु में भी छुपा है प्रेम का तराना।
कोणार्क की छाँव पास, ऐतिहासिक गाथा में लिपटी,
और समंदर की लहरें गाती हैं अनकही कविता।
चंद्रभागा, तुम हो विरह और सुकून का संगम,
जहाँ हर दिल पा लेता है अपनी अधूरी ख्वाहिश का अमृत।
Gitanjali gavel ✨ 🖊️


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







