(बाल कविता)
बोलो कितने हुए कबूतर
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एक गुटुर-गूँ करे कबूतर ।
दो आपस में लड़े कबूतर ।।
तीन कबूतर तार पे लटकें ।
चार कबूतर बाहर भटकें।।
पाँच कबूतर गाना गाएँ ।
छः की टुकड़ी ढोल बजाएँ ।।
सात करें अपना खुद काम ।
आठ करें खाली आराम । ।
नौ का झुंड पड़ा बीमार ।
दस की टीम करे उपचार ।।
रात हुई सब सोए भीतर ।
बोलो कितने हुए कबूतर ।।
मैंने पचपन जोड़ा लिख कर ।
तुम बतलाओ संख्या गिनकर ।।
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~राम नरेश 'उज्ज्वल'


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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