ओ रूप-रंग न काठी वेखदा,
वेखदा सीरत बंदेया तेरी।
ओ कर्माँ नाल तैनु तौलदा,
पल-पल परखदा नीयत तेरी।
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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ओ रूप-रंग न काठी वेखदा,
वेखदा सीरत बंदेया तेरी।
ओ कर्माँ नाल तैनु तौलदा,
पल-पल परखदा नीयत तेरी।
वन्दना सूद
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