तेरे बिना जिंदगी
थोडीशी सस्ती लगने लगी है
खुद को बहुत अजमाया
फिर भी मौत अपनी लगने लगी है
क्या है, ये मोहब्बत जो
तुझ पे खतम होने लगी है
कहते है, लोग तुझे भुलाने को
कैसे कहू उन्हे ,अंदर से टूटने लगी हुँ

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
तेरे बिना जिंदगी
थोडीशी सस्ती लगने लगी है
खुद को बहुत अजमाया
फिर भी मौत अपनी लगने लगी है
क्या है, ये मोहब्बत जो
तुझ पे खतम होने लगी है
कहते है, लोग तुझे भुलाने को
कैसे कहू उन्हे ,अंदर से टूटने लगी हुँ
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