वादियाँ, ये गुल-ओ-शबनम तेरे दीवाने हैं
हां मोहब्बत भरे मौसम तेरे दीवाने हैं
अब किसी और की ख़्वाहिश क्यों हो मेरे दिल में
हम ज़माने से जो हमदम तेरे दीवाने हैं
चाँद भी देखने आया है तुझे रातों में
चाँद की रात, ये आलम तेरे दीवाने हैं
नाम तेरा ही ये लेने से महक उठते हैं
मेरे ज़ख्मों के ये मरहम तेरे दीवाने हैं
अब तुझे देख के ये फूल नहीं छेड़ेंगे
उनको मालूम है कि हम तेरे दीवाने हैं।
अनमोल


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







