मेरी आँखों में जो पानी है, उसकी मेहरबानी है,
दर्द-ए-इश्क़ की निशानी है, उसकी मेहरबानी है।
मुकम्मल हो जाता तो, अफ़साना ही और होता,
अधूरी-सी जो ये कहानी है, उसकी मेहरबानी है।
कितने सपने, कितने अरमान, सब के सब टूटे,
ये जो बेजान, ज़िंदगानी है, उसकी मेहरबानी है।
मैं कह देता हूँ अक्सर सीधे मुँह से सीधी बातें,
लहज़े में, जो बदज़बानी है, उसकी मेहरबानी है।
हिसाब सही नहीं इश्क़ का, पाया या खोया मैंने,
हुआ लाभ या फिर हानि है, उसकी मेहरबानी है।
कौन ले सका है छीन कर किसी के किस्मत से,
हमारा, हमारे पास आनी है, उसकी मेहरबानी है।
मैं था मस्त मलंग-सा मुसाफ़िर इस जिंदगी का,
मेरे राह में जो परेशानी है, उसकी मेहरबानी है।
🖊️सुभाष कुमार यादव


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







