जीवन के चौराहे पर जब मंजिल एक और रस्ते अनेक नजर आते हैं तब कुछ देर ठहर तुम जाना
लक्ष्य पर अपने ध्यान तब लगाना
निश्चय ही सही रस्ता नज़र आयेगा
तुमको नहीं भटकायेगा
मंजिल तक तुम्हें पहुंचायेगा
✍️ अर्पिता पांडेय

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
जीवन के चौराहे पर जब मंजिल एक और रस्ते अनेक नजर आते हैं तब कुछ देर ठहर तुम जाना
लक्ष्य पर अपने ध्यान तब लगाना
निश्चय ही सही रस्ता नज़र आयेगा
तुमको नहीं भटकायेगा
मंजिल तक तुम्हें पहुंचायेगा
✍️ अर्पिता पांडेय
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