रोज चलती मीठी कड़वी बहस तन्हाई में।
सताती वही पुरानी यादो की कतरन छाई में।।
एक दिन बदलने से क्या कुछ नया हो जाता।
चलन चल रहा नई साल कहने का रज़ाई में।।
काफी लफ्जों के जाल बुने जिनके साथ रहे।
उन्हीं की याद सताये दिल पर छाई विदाई में।।
रूह के कोने से जुड़ी अनजान शख्सियत ऐसी।
ग़ज़ल का पन्ना दहाड रहा 'उपदेश' सच्चाई में।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







