उल्फ़त खून रुलायेगी तो क्या करेंगे
जब ये हमको सतायेगी तो क्या करेंगे
है नरमी तो बहुत अभी इस धूप में पर
जब ये हमको जलायेगी तो क्या करेंगे
ये दुनिया तो कभी यूं हमारी भी यहां
'गर बातें जो बनायेगी तो क्या करेंगे
तेरी बात अगर वो पुरानी कभी यूं
जब भी दिल को दुखायेगी तो क्या करेंगे
बातें जब कोई अपने पुराने दिनों की
आकर याद रुलायेगी तो क्या करेंगे
दुनिया जो कभी राहों में अपनी किसी दिन
दीवारें जो उठायेगी तो क्या करेंगे।
अनमोल


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







