अब तुम्हें बता भी न सकते हाल-ए-दिल,
तुम्हारे लिए जो हम गैर ठहरे।
वो जो तुम पुराने थे, कुछ पूछते, हम बताते,
अब हमारे लिए तुम नए ठहरे।
चेहरा वही, बातें वही, नज़ाकत थोड़ी अलग-सी,
हम तुम्हे सब बताते,
पर तुम अब किसी और के ठहरे।
अब तुम्हें बता भी न सकते हाल-ए-दिल,
तुम्हारे लिए जो हम गैर ठहरे।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







