नफ़रत भी देखी है, चाहत भी देखी है
उसकी आंखों में, खूबसूरत मोहब्बत भी देखी है
खफा होकर मुझसे वो, मन ही मन मुस्कराती है
झरोखे से, आइने में, उसकी ये हरकत भी देखी है
आई है जब से, वो, मेरी जिंदगी में
दिन -ब -दिन,हर मोड़ पर, बरकत ही देखी है
खुशी में, ग़म में, हर मौसम के सितम में
सुकून और ढाढस भरी, नसीहत भी देखी है
जिंदगी की सफर में, हमसफ़र दमदार हो
सूरज सा चमकता हुआ, सोहरत भी देखी है।।
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







