हैरत है अस्तगफार पढ़ने से इब्लिश है और तू नहीं है ।
किस तरह कहूं तुझे अपनी फ़रियाद की तू सुन ले
न लब पे आए न दिल हिले के ऐसे कहता हूं तुझेसे
तुझतक पहुंची या नहीं मेरी फ़रियाद कैसे समझे हम
ऐसा कोई आला नहीं तू सुने फरिश्ता वो जिन्नात नहीं
जबकि अपने दिल और आंखों को रखता हूं काबू में
माजरा क्या है बात परवाज़ न हुई ज़िक्र जहान में है
क्या कोई बस्ता है दिल में जिसे तू देखता है या नहीं
हैरत है अस्तगफार पढ़ने से इब्लिश है और तू नहीं है
वसी अहमद क़ादरी । वसी अहमद अंसारी
मुफक्किर ए कायनात । मुफक्किर ए मखलूकात
दरवेश । लेखक । पोशीदा शायर
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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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