तेरी आंखों में बहारों का पूरा मौसम है,
मेरी सांसों में भीगने का पूरा दम-खम है,
कह दो सावन से तेरी मर्जी हो तभी आना,
अभी तो प्रेम -फुहारों का पूरा मौसम है।।
सफर में तुम रहो तो रास्ते सुहाने हैं
बिना तुम्हारे हम तो खुद से ही बेगाने हैं,
तुम्ही से खिलती मेरी जिंदगी के अफसाने,
कदम- कदम पर मेरी राह में तराने हैं।।
बांटने वाले के दिल से मोहब्बत कम नहीं होती,
आंधियों से चराग -ए- चाहत खतम नहीं होती,
कौन कहता है, वो मरकर लाश में दफन हो गया,
खुशबू -ए-गुल-ए - इंसानियत खतम नहीं होती।।
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







