तिरंगा हमारा जान से प्यारा
गर्व से गुनगुनाएं चमन हमारा
तिरंगा हमारा जान से प्यारा !!
बलिदानों का जिसमे अहसास समाया
पुरे जहाँ की झांकी का चित्रण दर्शाया
तिरंगा हमारा जान से प्यारा !!
गदगद हमारा सीना हो जाता
जब वो हवा संग लहराता
तिरंगा हमारा जान से प्यारा !!
कैसा भाव जो स्पर्शे हर जन को वो
अच्छे बुरे हर जन का अभिमान वो
तिरंगा हमारा जान से प्यारा !!
मन तरंग में वतन प्रेम की अटूट धारा
सिंचन करें संगम करें तिरंगा हमारा
तिरंगा हमारा जान से प्यारा !!
कुर्बान जान अगर करनी पड़े
अहोभाग हमारा जो मौक़ा मिले
न पीछे हटेंगे है तो सम्मान हमारा
तिरंगा हमारा जान से प्यारा !!


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







