न दीजिए इन रिश्तों को कोई नाम ✍️
जब तक अजनबी हैं ,🙂
तभी तक अपने से लगते हैं ।✍️
नाम देते ही पल में पराए हो जाते हैं !!😌
वन्दना सूद
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
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न दीजिए इन रिश्तों को कोई नाम ✍️
जब तक अजनबी हैं ,🙂
तभी तक अपने से लगते हैं ।✍️
नाम देते ही पल में पराए हो जाते हैं !!😌
वन्दना सूद
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