गर्दिश में है तारे मेरे आ जाओ।
एक पल करीब मेरे आ जाओ।।
दूर आज मेरी मंजिल 'उपदेश'।
मील का पत्थर माना आ जाओ।।
आँखें मूँदने से भी सुकून नही।
आँखें खोलने करीब आ जाओ।।
- उपदेश कुमार शाक्यवार 'उपदेश'
गाजियाबाद

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
गर्दिश में है तारे मेरे आ जाओ।
एक पल करीब मेरे आ जाओ।।
दूर आज मेरी मंजिल 'उपदेश'।
मील का पत्थर माना आ जाओ।।
आँखें मूँदने से भी सुकून नही।
आँखें खोलने करीब आ जाओ।।
- उपदेश कुमार शाक्यवार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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