कविता:शब्दों की फुलवारी
दिनांक:21/05/2026
स्वर से व्यंजन मिलकर ही शब्द बनते है।
शब्दों को शब्द से मिलकर कवि कविता रचते है।
शब्दों की फुलवारी को सम्मान मिले ध्यान रखते है।
कविता के शब्दों से सबको
संस्कार मिलते है।
मंच को नमन कर सरस्वती का वंदन करते है।
सबके दिल की व्यथा विरह लिखते है।
अद्भुत साहस श्रृंगार ममता का वर्णन करते है।
देश प्रेम यश कीर्ति वीरों का गुणगान करते है।
अंतर्मन जागृत हो कवि ऐसा काम करते है।
ओज श्रृंगार वीर रस की कवि कविता लिखते है।
सबके दिल को शकुन मिले कवि ध्यान रखते है।
मनभावन ख्याल जब कवि के दिल में आते है।
कलम की ताकत से कवि कविता रचते है।
विश्व का कल्याण हो शब्दों का ज्ञान रखते है।
ना किसी का अपमान हो सबका ध्यान रखते है।
शब्दों की फुलवारी को सम्मान मिले कवि ध्यान रखते है।
सत्यवीर वैष्णव बारां राजस्थान 💞💞✒️💞💞


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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