साये की तरह
चल साथ-साथ मेरे, अब तू भी साये की तरह
छोड़कर न जा मुझको, अब तू साये की तरह
ऐसे न गिर बन के अश्क, इन निगाहों से तू
जैसे ढ़ल जाते हैं, यह आंसू पराये की तरह
गर होते मेरे अपने, खफा न होते यूं हमसे
तुम, ना रूठते यूं बार-बार, पराये की तरह
तेरे जाने के बाद क्या, खुश रह पाएंगे हम
ढ़ल, जाएगा ये दिन भी, इस साये की तरह
किसी, तरह से समझा लेंगे, इस दिल को हम
मगर हम अकेले ना गुजरेंगे साये की तरह
चलना होगा तुझे बनके साथी मेरे संग यादव
न चले जाना छोङ कर किसी साये की तरह
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







