जलने वाले जल कर राख हो गए।
आज़ाद परिंदे पास हो गए ।
ईर्ष्या डाह द्वेश से कुछ नहीं मिलता
सबकी खुशी की कामना वालें
इतिहास लिख गए।
वो चिल्मन में छुपाकर चेहरा
फिरभी दागदार ही गए।
सवार थे नव नाव पर और हाथों से
पतवार खो गए।
जो जैसा करता है पाता है।
जो बोया वही कटता है।
सबकी तरक्की विकास की कामना करतें हैं जो
दुनियां में फेमस हो जातें हैं।
जीवन जिनें के लिए सिर्फ़ धन नहीं
तन मन भी धनी चाहिए।
प्यार इश्क़ मोहब्बत हीं नहीं आदमी भी
सही होना चाहिए।
नफरतों के बाज़ार में विश्वास भी बेजार है
किसी का कुछ भी भरोसा नहीं
भरोसेवाला हीं तो नागावरदार है।
किसको कहें अपना यहां हर वफ़ा वाला
बेवफादार है।
जिंदगी की रेस में हर कोई परेशान है
पर है जो सबकी कामना वाला वही तो
महान है उसी की पहचान है..
उसी का सम्मान है
जिंदगी जीता कम में तो क्या सुख चैन
सच्ची में उसी को प्राप्त है।
बिना सुख शांति के सबकुछ बेकार है।
जिए जो सबके लिए वही तो महान है......
जिए जो सभी के लिए वही तो महान है....


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







