बड़े बेकदर बेपरवाह होकर यहां तलक पहुंचे हैं
रोक टोक ताने उलाहने की थाप दी है ज़माने ने
हमें तभी तो रोशनी की ओर कुछ कदम पहुंचे है
-अर्पिता पांडेय

Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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बड़े बेकदर बेपरवाह होकर यहां तलक पहुंचे हैं
रोक टोक ताने उलाहने की थाप दी है ज़माने ने
हमें तभी तो रोशनी की ओर कुछ कदम पहुंचे है
-अर्पिता पांडेय
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