ख्वाबों में ठीक हकीकत में कौन आता।
सड़क नापता पैदल-पैदल कौन आता।।
मोहब्बत में उसकी तमीज भी जाती रही।
चोरी छुपे सवेरे-सवेरे जगाने कौन आता।।
इतनी समझ उसको कहीं से तो आई होगी।
खुद्दारी में आमने-सामने सताने कौन आता।।
दीदार न हो जाए किसी को तुम्हारे शहर में।
खुद-ब-खुद सीखा है रोशनी में कौन आता।।
करवटें बदलते-बदलते ही नींद आनी चाहिए।
तन्हा जिन्दगी में 'उपदेश' सुलाने कौन आता।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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