अच्छे के साथ अच्छे रहना
पर बुरे के साथ कभी बुरा न करना
दो कदम पीछे हो जाना
या ठहर जाना उसी जगह पर
आज के दौर में जितना आसान हो गया बुरा बनना
उतना ही मुश्किल हो गया अच्छा बने रहना
दूसरे की नज़रों में अच्छा दिखने में क्या फ़क्र
अपनी नज़र में कभी बुरे न बनें इस बात में गर्व समझना ..
वन्दना सूद
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







