रूह को रूह से मोहब्बत है,
ज़िस्म से नहीं वास्ता इसका।
कंधा मिल जाए सिर रखने को,
हो हाथों में मेरे बस हाथ उनका।
मिल जाए बस गोद उनकी,
और चूम ले बस वो माथा मेरा।
ख़ामोशी को भी पढ़ ले झट से,
है प्यार हमारा इतना गहरा।
ग़म में दिलासा देते खुशी में हॅंसते साथ,
दिल का रिश्ता है इतना प्यारा हमारा।
💐रीना कुमारी प्रजापत 💐
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







