नृत्य कर रही हैं,फूल -फूल की कली
आज चार साल की,हो गयी लली
उसकी धमकी का डर, लगता है आज भी
न रहे तो घर,न घर लगता है आज भी
बोलती है तो लगे,मिश्री की डली
आज चार साल की,हो गई लली
जागरण है सुबह की ,नींद है वो रात की
दोपहर की चैन है, और सुकुन सांझ की
सबकी दिनचर्या में, वही है घुली
आज चार साल की ,हो गई लली
घर के सरोवर की वो खिली कमल है
पांवों की घूंघरू मौसिकी और गजल है
बाहों में झूली और बाहों में पली
आज चार साल की, हो गई लली।।
पोती की जन्मदिन 7 फरवरी,पर आशीर्वाद और शुभकामनाएं 🌻
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







