प्रकृति का गहना
शिवानी जैन एडवोकेटbyss
कुदरत के ये अद्भुत नज़ारे,
जीवन के हैं सुंदर सहारे।
कलकल करती नदियाँ बहतीं,
पर्वत खड़े हैं शान से ऊँचे।
वन में हरियाली का साम्राज्य,
जहाँ पक्षी गाते मीठे तराने।
आओ मिलकर करें देखभाल,
प्रकृति में ही जीवन है बेमिसाल।
मत काटो जंगल यूँ बेरहमी से,
नदियों को मत करो मैला।
पहाड़ों को रहने दो शांत,
प्रकृति का करो तुम मेला।
आने वाली पीढ़ी देखेगी जब,
यह सुंदरता अगर बची रहे।
हमारा कर्तव्य है यह पावन,
यह धरोहर सदा सजी रहे।
प्रकृति का सम्मान ही जीवन है,
यह सत्य कभी न भूलो।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







