जमीन रात भर बारिश से रूबरू होती।
परेशानी घटती जब पॉ फटनी शुरू होती।।
तरबतर पेड़ चिडियों से कुछ कहना चाहें।
हवा के आते ही उनमें गुफ़्तगू शुरू होती।।
बादलों से घिरा आसमान हल्की रोशनी।
चूँ-चूँ की चहचहाहट रोशनी में शुरू होती।।
प्रकृति का सौन्दर्य महसूस कर 'उपदेश'।
मोहब्बत में डूबने से संभावना शुरू होती।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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