इतना ना सता ऐ यार मुहब्बत दुत्कार लगने लगे
मेरे ये अश्क़ ज़ालिम दुनिया क़ो बेज़ार लगने लगे
किन हुस्न की परियो में अटका है तू खबर तो दे
कहीं ऐसा ना हो मुझे मेरा हुस्न बेकार लगने लगे
इतनी आज़माइस ना कर मेरा दम निकल जाएँ
पत्थर ना बन के दिल पर चोटें हज़ार लगने लगे
सबूत माँगा है दुनिया ने मेरी मुहब्बत का जानाँ
कहीं लोगो क़ो मेरा दामन न दाग़दार लगने लगे
कहीं ऐसा न हो तू ना आये और मैं गुज़र जाऊ
कृष्णा का मतलब लोगों क़ो इंतज़ार लगने लगे..
- कृष्णा शर्मा


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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