पर्दा है पर्दा, पर्दे में दिल का क्या काम,
करता है मोहब्बत दर्द-ए-दिल दानिश में,
पर्दा-ए-पर्दा पर्दे में दिल रहता है॥
बक़ौल-ए-मोहब्बत दिल-ए-अदब रिहाई से,
मायने वस्ल के हैं तुहूर-ए-रहनुमाई में,
पर्दा-ए-पर्दा पर्दे में अदायगी है॥
हवाओं की इबादत दिल की तन्हाई से,
लूटते तक़ाज़े आमादा बरहमी बरपाने,
पर्दा-ए-पर्दा पर्दे से मिल जाइए॥
तस्वीर बदल जाती है रुख़ की हवाओं से,
तमाशा-ए-ज़िंदगी का ये मंज़र भी नया है।
पर्दा-ए-पर्दा पर्दे में दिल धड़कता है॥
उलझी है हर साँस यहाँ रस्म-ओ-रिवाजों में,
सच्चाई छुपती नहीं लाख बहानों से।
पर्दा-ए-पर्दा पर्दे से अब निकल जाइए॥
ललित' नूर नहीं है तेरा माकूल इस महफ़िल से,
ज़ाहिर जम्हूरियत पाक-ए-इल्तज़ा मौसिकी में।
आना है जमातों में, जाना कहाँ गवाही में,
पर्दा-ए-पर्दा पर्दे में दिल का क्या करें॥
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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