अभी तक गूँजती बीती हुई बाते।
दबाते नही दबती फैली हुई बाते।।
काफी सयानी हो चुकी जिन्दगी।
वक्त की परवाह नही करती बाते।।
खामोश रहते हुए जैसे ज़माने हुए।
बे-जरूरत कैसे जोर मारती बाते।।
जिसके दम से रोशन जिन्दगी मेरी।
दीवानी बनकर सताने आती बाते।।
उल्फत के फँसाने तैरते इधर-उधर।
लहरे बहाकर ले आती वही बाते।।
भूल जाने के बहाने नही 'उपदेश'।
हवाओ में खुशबू की तरह बाते।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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