कर्म से भाग्य को रास्ता दिखाया।
बार बार लिखकर उसको मिटाया।।
हाथ फैलाने से अच्छा करूँ कुछ जतन।
पेट को थोड़ा सा ढाढस बंधाया।।
उंगलियों के बीच झाँकती झिर्रियाँ।
हाथ में जो कुछ आया नही रुक पाया।।
रात के प्रश्न भोर तक रहे अधपके।
पानी की तड़प में मेहनत का रहा साया।।
क्रूरता की हद पार करता जीवन।
तपती धूप में 'उपदेश' पाँव को जलाया।।
पाँव ने बात मानी चलना न छोड़ा।
संघर्ष जीवन में भय जीत कर दिखाया।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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