पहली नजर में ही
पहली नजर में ही चांद, भाया है सभी को
उसका दर्द मगर नजर न आया किसी को
चांदनी में खिलते हैं कमल दिल में हजारों
पसन्द आता है साथ उसका हर किसी को
छुपाता है मेरा दर्द यह चांदनी का आंचल
मगर दर्द मेरा, पसन्द आया न किसी को
चल रहा हूं मैं सदियों से इन्हीं गलियों में
मगर दर्द मेरा समझ ना आया किसी को
पसन्द हूं हर किसी की यह जानता हूं मैं
पर दाग मेरे दामन में न भाया किसी को
चांद कहते हैं लोग अपने चाहने वालों को
पर चाहतों का ये असर भाया न किसी को
काश जान लेते तुम ये दर्द दिल का यादव
बयां हो जाती हकीकत, दिल की सभी को
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







