मैं थका नहीं मैं रुका नहीं,
मेरा लक्ष्य अभी बदला नहीं.....
मुझे मालूम है मेरी मंजिल है वही,
लाख पत्थर राहों में और सही,
मैं थका नहीं मैं रुका नहीं,
मेरा लक्ष्य अभी बदला नहीं.....
लिखनी है तकदीर मुझे,
लाख प्रयत्न और सही,
अभी मकसद मेरा बदला नहीं,
मैं थका नहीं मैं रुका नहीं,
मेरा लक्ष्य अभी बदला नहीं.....
अंगारे लाख राहों में हो तो क्या,
अब टूटने वाला मेरा फैसला नहीं,
मैं थका नहीं मैं रुका नहीं,
मेरा लक्ष्य अभी बदला नहीं......
मेरा लक्ष्य अभी बदला नहीं......
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







