तेरे इश्क़ में जो हाल हमारे हैं
पागल हम नहीं हैं, हालात रांची वाले हैं
तू सामने से गुज़र जाए तो धड़कन बढ़ने लगती है
हम लाख सँभालें ख़ुद को पर दिल के इरादे बड़े निराले है
तेरा नाम आते ही चेहरे पे रौनक आ जाती है
दोस्त पूछें—क्या हुआ हम कहते हैं, मौसम सुहाने हैं
तेरी एक ‘हाय’ के बदले रातें गुज़ार देते हैं
फिर सुबह आँखों के नीचे नींद के निशान काले हैं
तू ऑनलाइन दिख जाए तो दिल को चैन आ जाता है
फिर ‘टाइपिंग…’ देखकर तेरे सपने हज़ार पाले हैं
तू हँस दे तो लगता है दिन अच्छा गुज़र जाएगा
तू रूठ जाए तो जैसे मौसम भी रूठने वाले हैं
लोग कहते हैं मोहब्बत में आदमी बदल जाता है
हम तो वही हैं, बस तेरे हिसाब से ख़ुद को ढाले हैं
अब डॉक्टर भी पूछता है—मर्ज़ क्या है जनाब
हम कहते हैं—बस एक चेहरा है, बाकी सारे बहाने हैं
‘सौरव’(100₹v)अब इश्क़ में इतना भी होश न खो बैठना
तेरे इश्क़ के किस्से अब पागलखाने तक पहुँचने वाले हैं
रांची में किसी को अगर पूछना हो हमारा पता
साफ़-साफ़ बता देना उसको —हम हज़ारीबाग के रहने वाले हैं
क्योंकि पागल हम नहीं हैं
हालात रांची वाले हैं
.......सौरव(100₹v)❤️🖤✍️


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







