न्याय की मशाल
शिवानी जैन एडवोकेट byss
सच्चाई की राह में भले ही कांटे हों,
मगर झूठ का सिंहासन हमेशा डोलता है।
जब कानून की आंखों पर पट्टी बंधी हो,
तब वक्त खुद अपनी ज़ुबान खोलता है।
हक मांगते हाथ अगर कमज़ोर हैं,
तो इसका मतलब यह नहीं कि वो हार गए।
इतिहास गवाह है, जब-जब दमन बढ़ा,
तब-तब आम इंसान ही इतिहास को सुधार गए।
यह जो भीतर सुलग रही है चिंगारी,
इसे एक दिन पूरी मशाल बनना है।
कमज़ोर की ताकत, बेबस की ज़ुबान,
इस देश में इंसाफ की यही मिसाल बनना है।


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







