👉 बह्र - बहर-ए-मीर
👉 वज़्न - 22 22 22 22 22 22 22 2
👉 अरकान - फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़ेलुन फ़े
👉 क़ाफ़िया - आ
👉 रदीफ़ - से घबराना मत
जैसी भी हो हालत बस हालातों से घबराना मत
लोग तो कुछ भी कहते हैं तुम बातों से घबराना मत
हर मुश्किल हर ठोकर को जीवन में हँस के सहना तुम
गिर के फ़िर से उठ जाना आघातों से घबराना मत
हार भी जाओ गर तो भी हिम्मत करके आगे बढ़ना
जीत की ज़िद थामे रखना तुम मातों से घबराना मत
इक दिन जीवन में आएगी उम्मीदों की सहर नई
डट कर लड़ना तुम अंधेरी रातों से घबराना मत
©विवेक'शाद'


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







