काफी दूर है हम तुमसे
पर दिल तो सदा तेरे पास है
मुख्तसर सी जिंदगी में नाव बनके आई हो
फिर मुझे साथ जोड़कर सफर कर रही हो
एक न एक दिन नाव किनारे पर पहुंच जाती
पर हर सफर में तुम्हीं मेरा दोस्त बनो
तुम मुझे खोजने की जरूरत नहीं
क्योंकि एक नाविक नाव से दूर कहाँ जा सकता है ?


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







