नये साल को नये आयाम देना,
बीते कल से कुछ बेहतर अंजाम देना।
टूटे हुए दिलों में उम्मीद जगा कर,
मोहब्बत का हर ओर पैग़ाम देना।
नफ़रत न दिल में पाए कोई ठिकाना,
भेद-भाव मिटा, प्रेम को पहचान देना।
धर्म, रंग, भाषा से ऊपर उठकर,
इंसानियत को ऊँचा मुक़ाम देना।
भागदौड़ में खो न जाए जीवन कहीं,
वक़्त पे आराम, वक़्त पे काम देना।
छोटी-छोटी कोशिशों से बड़ा सफ़र गढ़कर,
हर प्रयास को बेहतर अंजाम देना।
ख़्वाहिशें हों, सपने हों, उड़ान भी हो,
पर ज़मीन से न टूटे ऐसा ध्यान देना।
अहंकार नहीं, संयम साथ रहे सदा,
ख़ुद को भी थोड़ा-सा लगाम देना।
गलतियों से सीखें, अनुभव को साथी बना कर,
हर नये दिन को नयी पहचान देना।
यही हो संकल्प इस नये वर्ष का—
ख़ुद भी संवरना, औरों को भी सम्मान देना।
डाॅ फ़ौज़िया नसीम शाद


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







