#मेरी प्यारी हिंदी ...
हिन्द देश के वासियों, आपको मेरा प्रणाम,
हिन्द के निवासियों,आपको मेरा प्रणाम।
मेरा प्रणाम आपको, मयंक का प्रणाम।।
धर्म हमारा है हिन्दू, हिन्दुस्तान हमारा धाम,
राष्ट्र भाषा हमारी है हिन्दी, हिंदुत्व हमारी शान,
हिन्दुस्तान का मैं एक नागरिक,देता ये पैगाम।
मेरा प्रणाम आपको, मयंक का प्रणाम।।
सरल,सुबोध,सुशोभित भाषा, आलंकारिक है हिन्दी,
रासिक, छांदिक और मृदुभाषी, संस्कृत तनया है हिन्दी,
होती भोर मेरी हिन्दी से, होती इसी से शाम।
मेरा प्रणाम आपको,मयंक का प्रणाम।।
उर्दू, पंजाबी,कन्नड़,बंगाली, उड़िया,मराठी और सिंधी,
तमिल, तेलगू और गुजराती, इनमें सर्वोपरि है हिन्दी,
हिन्दी ही मेरा गौरव है, हिन्दी से ही मेरी पहचान।
मेरा प्रणाम आपको, मयंक का प्रणाम।।
मातृभाषा मेरी हिन्दी है, मुझे इसी बात का गर्व है,
विश्वपटल पर सर्वश्रेष्ठ है, हमारे हिन्दू पर्व हैं,
कहे मयंक हिन्दी के सन्मुख, अन्य भाषा नाकाम।
मेरा प्रणाम आपको, मयंक का प्रणाम।।
सुन्दर, मनोरम और ममतामयी, हिन्दी ही एक भाषा है,
हिन्दी दिवस पर कुछ लिखने की, मयंक की अभिलाषा है,
जितना बखान करूं हिन्दी का, मेरे लिए ये अल्प है,
झुकने ना दूंगा कभी हिन्दी को, यही मेरा संकल्प है,
हिन्दुस्तानी अब प्रगति पथ पर, रुकने का नहीं काम।
मेरा प्रणाम साथियों, मयंक का प्रणाम।।
हिन्द के निवासियों,आपको मेरा प्रणाम।।
रचनाकार :- डॉ. मयंकेश कुमार दुबे
एम.ए. इतिहास(गोल्ड मेडलिस्ट )
औलेंडा,आगरा, उत्तर प्रदेश
मो. :-8630291252


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