एक तरफ है प्यार मेरा, एक तरफ संस्कार है,
धुंधली हो गई दिल की राहें , दिमाग में पहरेदार है,
दिल को भा गया है वो, कैसे करूं इनकार मैं,
उसका व्यवहार ठीक नहीं, यही तो भविष्य का मूल आधार है...।।
माता-पिता ने जो संस्कार दिए, अनमोल उनके विचार है,
उनकी आंखों में सिमटी, मेरी खुशियां हजार है,
कह रहे हैं मत कर अपने दिल की, इस रिश्ते में सिर्फ अंधकार है,
कैसे समझाऊं दिल को मेरे, धर्मसंकट में मेरा विचार है...।।
किस चौराहे पर ला खड़ा, कर दिया मुझे जिंदगी ने,
ना सुनने की शक्ति बची ना समझाने का समय,
कैसे छोड़ दूं अपने प्यार को मैं, जिसने दिल को धड़कना सिखाया है,
बची नहीं विवेक मुझ में, ये कैसा इंसाफ़ है...।।
कैसे लगा दूं दाग मैं, अपने मां के आंचल में,
कैसे झुका दूँ सिर मैं अपने जान से प्यारे पिता का,
ये कैसी प्रीत है जिसमें सिर्फ लाचारी है,
यह संकट मुझ नारी में सबसे ज्यादा भारी है....।।
- सुप्रिया साहू


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







