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Dastan-E-Shayara By Reena Kumari Prajapat

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The Flower of WordThe Flower of Word by Vedvyas Mishra
The Flower of WordThe novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

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The novel 'Nevla' (The Mongoose), written by Vedvyas Mishra, presents a fierce character—Mangus Mama (Uncle Mongoose)—to highlight that the root cause of crime lies in the lack of willpower to properly uphold moral, judicial, and political systems...The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra

कविता की खुँटी

                    

मोहब्बत की दुकान भाग-2

मोहब्बत की दुकान
भाग-2

हरिया – दरिया भाई मोहब्बत की दुकान में आपके साथ-साथ सभी पाठकों और लेखकों का स्वागत है।

दरिया – हरिया भाई ये दुकान तो हमने उन टूटे दिल वाले लेखकों और आशिकों के लिए खोली है, जिनको हर कोई दुत्कार देता है, फिर ये पाठकगण का स्वागत क्यों?

हरिया – दरिया भाई जिस तरह हवा और पानी के बिना कुछ भी नहीं उसी तरह गीत और गजल सुनने वाले पाठक या श्रोता न हों तो कुछ भी नहीं है और ये महफिल कैसे चलेगी?

दरिया – अच्छा चलो ठीक है मगर आपने आज किस कलाकार को यहां निमंत्रित किया है?

हरिया – दरिया भाई आप भूल गए क्या? हमने पिछली बार बताया था कि हमने मीरा सी दीवानी प्रसिद्ध लेखिका कृष्णा शर्मा को निमंत्रित तो किया है। लेकिन वो तशरीफ लाएंगी ये मैं यकीन से कह नहीं सकता।

दरिया – क्यों भई ऐसा क्यूं?

हरिया – दरिया भाई आजकल गर्मी जबरदस्त पङ रही है, कई जगह तो पारा 45 डिग्री के आसपास चल रहा है।

दरिया – फिर किसी और से बात कर लेते?

हरिया – मैंने लेखराम यादव और सुप्रिया जी को फोन पर बात करते सुना था, वो कह रहे कि गर्मी काफी अधिक पङ रही है। ऐसे मैंने किसी से बात नहीं की।

दरिया – हरिया भाई आप मनोज सोनवानी, वन्दना सूद, रीना प्रजापत, श्रेयसी, सुभाष यादव, इकबाल राशा, पवन जी, आदि में से किसी से बात कर लेते?

हरिया – दरिया भाई पुरूष लेखक गण गर्मी से इतने बेहाल हैं कि उन्हें लू का डर सता रहा है और महिला लेखकों की तो बात ही अलग है, उन्हें तो गर्मी का नाम सुनते ही उबकाई आने लगती है, अब मुझे ही ले लो, मैं खुद लू का सताया हुआ हूं।

दरिया - हरिया भाई क्या हम अपने कार्यक्रम की शुरुआत खुद ही करेंगे?

हरिया – हां, और कर भी क्या सकते हैं, इधर गर्मी का तांडव चल रहा है, उधर रूस- यूक्रेन युद्ध के अलावा ट्रम्प और नेतनयाहू ने बमबारी करके पश्चिमी एशिया के साथ-साथ पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है।

दरिया – वो तो है, अब हम गर्मी में मरने के अलावा क्या कर सकते हैं?

हरिया – लिखनतु पर मौजूद लेखकों के बारे में क्या ख्याल है?

दरिया – अरे, ख्याल क्या खाक आएंगे इतनी गर्मी में, हम खुद भाङ में चने की तरह भुन रहे हैं, और लेखक की कोमल त्वचा इसे कहां बर्दाश्त कर पायेगी? वो तो गर्मी में एसी की ठंडी हवा में कमरे में दुबके हुए होंगे।

हरिया – आपकी बात तो ठीक है, मगर मोहब्बत की दुकान कैसे चलेगी?

दरिया – हरिया भाई आज तो खुद ही कुछ करना होगा।

हरिया – दरिया भाई आज आप ही अपने पाठकों और लेखकों के लिए कुछ कहें।

दरिया - मैं अपने सभी पाठकों व लेखकों से कहना चाहूंगा कि अपना काम मेहनत और ईमानदारी से करें, ऐसी पोस्ट ना  डालें जो वेबसाइट के नियमों के विरूद्ध हो। किसी व्यक्ति, समूह, संस्था, राष्ट्र या समाज की भावनाओं को ठेस न पहुंचाए, राष्ट्र व समाज हित को ध्यान में रख कर कार्य करें। किसी व्यक्ति, समूह,  राजनीतिक पार्टी या किसी व्यक्ति की जाति और धर्म को उचित सम्मान दें  तथा उन पर अकारण और अनावश्यक टिप्पणी न करें।

हरिया – वाह क्या संदेश दिया है आपने दरिया भाई, आपका दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद।

दरिया – आप का भी बहुत-बहुत धन्यवाद हरिया भाई।

हरिया – दरिया भाई आज आप हमारे पाठकों को क्या कुछ सुना रहे हो?

दरिया – हरिया भाई आज तो बस एक मुक्तक सुनाने का मन कर रहा है, लीजिए पेश है –

आज गर्मी से हर कोई त्रस्त है

अपनी दुकान में गर्मी मस्त है

ओ.आर.एस. लेते रहना दोस्तों

इसका असर बड़ा जबरदस्त है

 हरिया – वाह, क्या बात है दरिया भाई। आज का यह एपिसोड यहीं पर समाप्त होता है, दरिया भाई और सभी पाठकों व लेखकों का बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद एवं स्वागत।

… शेष अगले भाग में


यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है


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रचना के बारे में पाठकों की समीक्षाएं (4)

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रीना कुमारी प्रजापत said

वाह वाह वाह मज़ा आ गया हम नहीं घबराए गर्मी से बुला लेते आप हमें हम दौड़े चले आते..... बहुत सुंदर रचना 🙏🙏 बहुत बहुत धन्यवाद आपका और सादर प्रणाम

Lekhram Yadav replied

वाह क्या बात है आतिथ्य स्वीकार करने के लिए आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद एवं स्वागत, आपको सादर नमस्कार।

सुप्रिया साहू said

वाह वाह वाह...क्या बात है, हम इतनी गर्मी में भी यहां आयेंगे क्योंकि यहां आने से गर्मी नहीं लगती ठंडी ठंडी हवा चलती है, शानदार लाज़वाब बेमिसाल रचना सर 👌👌, आपको सादर प्रणाम 🙏🙏।

Lekhram Yadav replied

स्वागत है आपका मोहब्बत की दुकान में, आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद, आपको सादर नमस्कार।

कृष्णा शर्मा said

👏👏👏👏
गर्मी का बखूबी चित्रण
सादर प्रणाम 🙏☺️

Lekhram Yadav replied

So many thanks mam, have a fine day.

ललित दाधीच said

Waah wah waah खूबसूरत rachna😃😃 Aap gajab ke lekhak ho

Lekhram Yadav replied

आपका बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद सर, आपको सादर नमस्कार।

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