मिला नहीं कोई
जिन्दगी में मुझे ऐसा मिला नहीं कोई
यूं हंस कर गुलाब सा खिला नहीं कोई
बदलते हुए करवटें, गुजारी हैं कई रातें
चांद पहले कभी ऐसा, खिला नहीं कोई
देखा है तुझे चलते जिन राहों में हमने
उन, राहों में मेरे जैसा, चला नहीं कोई
यह साथ तेरा जब से हमें नसीब हुआ
साथ, ऐसा हमें कभी, मिला नहीं कोई
यूं तो देखे हैं यहां कई हंसी चेहरे मैंने
मगर चेहरा तेरे जैसा, दिखा नहीं कोई
खुशबू, आई है जिधर से, हवा में तेरी
झोंका, हवा का ऐसा, मिला नहीं कोई
फिर रहे हैं सभी तेरी, झलक पाने को
शबाब ऐसा किसी पर खिला नहीं कोई
एक बार जिसे तू, नजर भर के देख ले
होश में शख्स फिर वो, रहा नहीं कोई
तेरी आंखों में जानम छलकता है नशा
नशा, ऐसा मुझे कहीं, मिला नहीं कोई
गजल तुम पर लिखना, चाहता है जो
वो, शायर मुझे कहीं, मिला नहीं कोई
फिर रहे हैं ये तुझमें, कमी ढूंढने वाले
कहीं मौका उन्हें ऐसा मिला नहीं कोई
तेरी जादू भरी निगाहों, में खोए हैं यादव
ये, जादू कहीं पे ऐसा, दिखा नहीं कोई
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







