मेरी मोहब्बत में कई
मेरी मोहब्बत में कई दिल गवां बैठे
होश इतने हुए गुम के जां गवां बैठे
कब कहा ये मैंने हम प्यार करते हैं
ना जाने कब हमसे, नजर लड़ा बैठे
एक बार तो मुस्कुरा कर, देखा मैंने
शायद इसी पर वो ये दिल गवां बैठे
वो प्रेम करते हैं हमसे मालूम न था
ऐसा क्या था मुझ पे दिल लुटा बैठे
ये एकतरफा प्यार रास आएगा कहां
वो खुद से अपना सब कुछ लुटा बैठे
वो सोच के करते, इश्क हम से यादव
ये बात कब से हम सभी को बता बैठे
यह रचना, रचनाकार के
सर्वाधिकार अधीन है
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
The Flower of Word by Vedvyas Mishra







