जिंदगी एक प्रयास है जिसकी सफलता ही उसे जीना सिखाती है।
समय इतना भागता क्यों है, इतना चलता क्यों है, कहां जाना है इसको, क्यों गति में रहता है, किसके पास जाना है इसको, किस रहस्य को सुलझाएगा, शायद समय ही वो जो कहता है कि जिंदगी ही यही है भागते रहो, गति रखो, दौड़ो, रूको मत चलते रहो, नहीं तो रुक गए तो मृत्यु तय है, और असार रहोगे।।
- ललित दाधीच


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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