मैं अकेला कहां हूं
कहते हैं सब, कि अकेला हूं मैं
बताओ मुझे मैं अकेला कहां हूं
करती हैं बातें ये मुझ से हवाएं
लिपटी हैं गले में ये मेरे लताएं
सहलाती हैं गालों को यह डाली
बताओ मुझे मैं अकेला कहां हूं
ये पत्तों की सरसर, गाती है यूं
भंवरों की गुनगुन लुभाती है यूं
मुस्काती है कलियां मुझे देखके
बताओ मुझे मैं अकेला कहां हूं
खुशियां और गम, हैं साथी मेरे
ये तन्हाई भी संग रहती है मेरे
कोई जिन्दगी में, कमी है कहां
बताओ मुझे मैं अकेला कहां हूं
बस्ती वालों से मेरी बनती नहीं
जिन्दगी बिना झूठ चलती नहीं
ये सच को कहां पूछता है कोई
बताओ मुझे मैं अकेला कहां हूं
छल और धोखे, दिये तूने मुझे
काम आएंगे ये, कहां अब मुझे
और क्या दोगे न जाने मुझको
बताओ मुझे मैं अकेला कहां हूं
जो उपहार तुम ने दिए हैं मुझे
करूंगा मैं क्या ये बता दो मुझे
ले लो वापस तुम इनको यादव
बताओ मुझे मैं अकेला कहां हूं
सर्वाधिकार अधीन है


The Flower of Word by Vedvyas Mishra
The novel 'Nevla' (The Mongoose) by Vedvyas Mishra
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